रामलीला महोत्सव-2025 में कलाकार देवराज मुन्ना उर्फ मुन्ना पंडित हुए सम्मानित

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पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में इस वर्ष दशहरा पर्व के अवसर पर श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट पटना एवं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग (बिहार सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “श्री रामलीला महोत्सव- 2025” का समापन अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि और भारतीय परंपरा के उत्सव का एक जीवंत उदाहरण भी बना।

कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार, चेयरमैन कमल नोपानी, संयोजक मुकेश नंदन, महासचिव आर.सी. मल्होत्रा, उपाध्यक्ष सुषमा साहू, सुजय सौरभ, राजेश बजाज, प्रिंस राजू, आशु गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

महोत्सव की शुरुआत 24 सितंबर 2025 को सायं 4:30 बजे से हुई। इस दिन धार्मिक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे मैदान को भक्ति रस में डुबो दिया। पहली प्रस्तुति “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में”, इसके बाद “सजा दो घर को गुलशन सा मेरे श्रीराम आये हैं” और “लाले रंग सेनुरा वा लाले रंग चुनरिया” जैसे भजन प्रस्तुत किए गए। कलाकारों की सुरमयी आवाज और मंच पर भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दूसरे चरण में, 30 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में कलाकार देवराज मुन्ना उर्फ मुन्ना पंडित ने भक्ति गानों से भक्तिमय वातावरण अपने चरम पर पहुंच दिया। “तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये”, “धरती गगन में होती है तेरी जय जय कार मईया”, और “ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया” जैसे गीतों पर दर्शकों ने झूमकर तालियां बजाईं। इसके बाद “साथी हमारा कौन बनेगा” कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने 1 घंटे तक लगातार भक्ति और लोकसंगीत की प्रस्तुतियाँ दीं।

3 अक्टूबर को रामलीला के समापन दिवस पर आयोजित “भारत मिलाप एवं सम्मान समारोह” में मंच पर धार्मिक वातावरण चरम पर था। इस अवसर पर सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र, पदक और रामायण पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से उपमहापौर रश्मि चंद्रवंशी और राजेश बजाज को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली में अन्य कलाकारों में कलाकार देवराज मुन्ना उर्फ मुन्ना पंडित भी शामिल थे।
यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि बिहार की कला, संस्कृति और संगीत का जीवंत संगम बन गया। रामायण के आदर्शों को मंच पर उतारते हुए कलाकारों ने समाज को सत्य, प्रेम, और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार ने सभी कलाकारों, सहयोगियों और उपस्थित जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “रामलीला केवल एक नाट्य नहीं, बल्कि हमारे जीवन का धर्म और संस्कृति से जुड़ा उत्सव है।”

गांधी मैदान में गूंजते जय श्रीराम के नारे और भक्तिरस में डूबे गीतों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। श्री रामलीला महोत्सव-2025 आने वाले वर्षों में भी इसी भव्यता के साथ पटना की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर संपन्न हुआ।

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