विदुषी रीता दास ने पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर की जयँती पर सरोद से संगीताँजलि दी

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समस्तीपुर: विद्यापति सभागार में हुए एक संगीत समारोह में देश की जानी मानी सरोद कलाकार डॉ रीता दास ने पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को उनकी जयँती पर सरोद के माध्यम से संगीताँजलि अर्पित की। यह समारोह डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और कौलेफ औफ आर्ट ऐंड टेक्नौलोजी द्वारा आयोजित था।
मैहर सेनिया घराने का प्रतिनिधित्व करनेवाली बिहार की पहली महिला सरोद कलाकार, डॉ रीता ने इस अवसर पर संध्या काल के कुछ राग, जैसे राग किरवानी प्रस्तुत किए. सुमधुर आलाप और खूबसूरत गतों में रीता ने तैय्यार तानों और लयकारी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. अंत में महाकवि विद्यापति की एक रचना से उन्होने अपने कार्यक्रम का समापन किया. उनके साथ तबला पर थे बनारस घराना के सुबोध कुमार।
श्रोताओं को संबोधित करते हुए डॉ रीता ने कहा कि पं विष्णु दिगंबर पलुस्कर जयँती समारोह में सरोद बजाना अच्छा लग रहा है. ” शास्त्रीय संगीत को आम लोगों के बीच लाने का श्रेय पंडित जी को ही जाता है. इसके लिए उन्होने सन 1901 में ही अविभाजित भारत के लाहौर में एक संस्था बनाई थी. बल्कि बंकिम बाबू की अमर रचना, वंदे मातरम को उन्होने ही स्वरबद्ध किया था, ” डॉ रीता दास ने कहा।
इसके पहले सभा को संबोधित करते हुए, श्री महेश्वर हजारी, मंत्री, सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने कहा कि कला और संस्कृति से समाज में एक सकरात्मक ऊर्जा बनी रहती है. ” इसके संरक्षण और विकास के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं. इसे आम जीवन औ समाज का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा, ” उन्होने कहा. इनके अतिरिक्त नीलम देवी और कौलेज औफ आर्ट ऐंड टेक्नौलोजी के डॉ संजय कुमा राजा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम मे भरतनाट्यम और शास्त्रीय गायन की भी प्रस्तुति हुई. इस अवसर वहाँ बडी संख्या में कलाप्रेमी एकत्रित हुए।

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