आईआईटी पटना का 12वां दीक्षांत समारोह संपन्न: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘लोकल फॉर वोकल’ पर दिया जोर

Uncategorized

पटना: 26 अगस्त 2025 :: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना ने आज संस्थान के सभागार में भव्य रूप से अपना 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस वर्ष का दीक्षांत समारोह संस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ, जिसमें कुल 1320 उपाधियाँ प्रदान की गईं — जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। कुल उपाधियों में से 856 उपाधियाँ नियमित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को प्रदान की गईं, जबकि 464 उपाधियाँ हाइब्रिड मोड कार्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दी गईं। माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान मुख्य अतिथि थे , केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा माननीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाए। वहीं, भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री बी. आर. शंकरानंद सम्मानित अतिथि के रूप में समारोह में शिरकत किया । संस्थान के निदेशक एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. टी. एन. सिंह ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव, एमएलसी श्री संजय मयूख, विधायक श्री संजीव चौरसिया , प्रो ए के ठाकुर कुलसचिव, सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

इनमें 445 बी.टेक छात्र, 47 बी.एस. छात्र, 8 बी.टेक–एमबीए ड्यूल डिग्री के छात्र, 207 एम.टेक छात्र, 85 एम.एससी छात्र, 64 पीएच.डी. शोधार्थी, 221 हाइब्रिड एम.टेक कार्यक्रम के छात्र, तथा 243 हाइब्रिड एमबीए कार्यक्रम के छात्र शामिल हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत में, अपने प्रेरणादायक संबोधन में प्रो. टी. एन. सिंह, निदेशक, आईआईटी पटना ने कहा, “आज का दिन किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आईआईटी पटना में आपका समय केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहा; यह चरित्र निर्माण, संकल्पशीलता को प्रोत्साहित करने और जिज्ञासु सोच को विकसित करने की यात्रा रही है। आपने यहाँ जो ज्ञान और कौशल अर्जित किए हैं, वे आपकी सफलता की बुनियाद अवश्य हैं, लेकिन अंततः आपकी मूल्यपरक सोच और ईमानदारी ही आपकी असली पहचान बनाएगी।

विशिष्ट अतिथि श्री बी. आर. शंकरानंद ने कहा, सच्ची शिक्षा तब तक पूर्ण नहीं मानी जा सकती जब तक उसमें हमारी सांस्कृतिक मूल्यों की गहरी समझ न हो। मैं यह विशेष रूप से कहना चाहता हूँ कि व्यक्ति और राष्ट्र एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते। आपकी सफलता केवल आपकी नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सफलता है।

माननीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित होकर, उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बोले, आज जब आप आईआईटी पटना की अकादमिक दीवारों से बाहर निकल रहे हैं, तो आप उस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं जो आपकी नेतृत्व क्षमता और नवाचार की प्रतीक्षा कर रही है। आपको एक असाधारण शिक्षा प्राप्त हुई है, और इसके साथ ही यह जिम्मेदारी भी आती है कि आप अपने प्रतिभा का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें। केवल दर्शक न बनें, बल्कि सक्रिय भागीदार बनें — उस महान राष्ट्रीय परियोजना में, जो भारत को समृद्ध, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर है।

आज के सम्मानित अतिथि केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि आज से राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में आप एक नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं उन्होंने कहा कि आईआईटी और देश के विकास के साथ साथ पूरी दुनिया के दुनिया के विकास में योगदान दे रहे हैं लोकल समस्याओं को टेक्नोलॉजी के सहयोग से उसका निदान की अपेक्षा आप सभी छात्रों से की जाती है

मुख्य अतिथि, माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्नातक वर्ग 2025 को संबोधित करते हुए कहा,
मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। यह दिन आपके वर्षों की अथक मेहनत, बौद्धिक जिज्ञासा और अडिग समर्पण का परिणाम है। उन्होंने मौलिक चिंतन पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज राष्ट्र की समृद्धि के लिए युवाओं को संघर्ष करना होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी प्रयास करना चाहिए। विकसित भारत की संकल्पना ‘लोकल फॉर वोकल’ के मूल मंत्र के साथ ही पूरी होगी। समाज को मज़बूत और सशक्त बनाने के लिए आप जैसे युवाओं को ज़िम्मेदारी लेनी होगी।

शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध योगदान को पहचानने के लिए संस्थान ने प्रदान किए:

• 4 स्वर्ण पदक
• 28 रजत पदक

स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता:

• भारत के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक: एएस पूर्नश (बी.टेक. – कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)
• चेयरमैन का स्वर्ण पदक: धीरज कुमार (एम.टेक. – एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी)
• निदेशक का स्वर्ण पदक: ऋषिकांत चिग्रुपाटी (बी.टेक. – कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)
• आर्यभट्ट स्वर्ण पदक: यश कुमार (एम.एससी. – गणित)

रजत पदक प्राप्तकर्ता:

  1. साई सुंदर संदीपगंती – बी.टेक (केमिकल इंजीनियरिंग)
  2. शैलेन्द्र मिश्रा – बी.टेक (इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग)
  3. कृष्ण कुमार – बी.टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग)
  4. पार्थ सारथी यादव – बी.टेक (मेटालर्जिकल और मटेरियल्स इंजीनियरिंग)
  5. अमन राज – बी.टेक (सिविल इंजीनियरिंग)
  6. ए.एस. पूर्नश – बी.टेक (कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)
  7. अमन वर्मा – बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस)
  8. मोहम्मद दारिश खान – बी.टेक (गणित और कम्प्यूटिंग)
  9. शिल्पा कंजिलाल – बी.टेक (इंजीनियरिंग फिजिक्स)
  10. ऋषिकांत चिग्रुपाटी – बी.टेक (कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग), केदार नाथ दास मेमोरियल रजत पदक
  11. सौम्या संत्रा – एम.एससी (फिजिक्स)
  12. वैश्णवी वर्षनी – एम.एससी (रसायन विज्ञान)
  13. यश कुमार – एम.एससी (गणित)
  14. नयोनय वाघ – एम.टेक (केमिकल इंजीनियरिंग)
  15. विशाल जायसवाल – एम.टेक (कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग)
  16. नैरुत्य मनीषकुमार पटेल – एम.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)
  17. ऋशव रानुत – एम.टेक (गणित और कम्प्यूटिंग)
  18. आनंद कमल सुर – एम.टेक (मटेरियल्स साइंस और इंजीनियरिंग)
  19. अंजलि शॉ – एम.टेक (कम्युनिकेशन सिस्टम्स और सिग्नल प्रोसेसिंग)
  20. मुकेश सिंह – एम.टेक (पावर और कंट्रोल)
  21. शुभम हलदर – एम.टेक (वीएलएसआई और एम्बेडेड सिस्टम्स)
  22. रश्मि प्रिया – एम.टेक (सिविल इंजीनियरिंग)
  23. गौरव कुमार – एम.टेक (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग)
  24. राजेश कुमार – एम.टेक (जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग)
  25. ऋषभ जैनबार – एम.टेक (थर्मल और फ्लूइड्स इंजीनियरिंग)
  26. प्राग्वंश शर्मा – एम.टेक (मैकेनिकल डिजाइन)
  27. धीरज कुमार – एम.टेक (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी)
  28. उदय नारायण शर्मा – एम.टेक (मेकेट्रॉनिक्स)

रजिस्ट्रार प्रो. ए. के. ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। आईआईटी पटना ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी बैच के लिए भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया, जिसमें देश और विदेश के छात्रों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए भाग लिया।

यह कार्यक्रम खुशी और उत्सव से भरपूर था। स्नातकों ने गर्व के साथ अपने डिग्री प्रमाणपत्र माता-पिता, अभिभावकों, संकाय सदस्यों, शुभचिंतकों और मित्रों की उपस्थिति में प्राप्त किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *