पटना: 31 मई 2025 :: शिक्षायतन प्रांगण में 15 दिवसीय प्रस्तुति परक कथक कार्यशाला का शुभारंभ अतिथि व्याख्यान से किया गया। विषय था “एंपावरिंग सेल्फ विद डांस”। दीप प्रज्वलित कर सभी ने मंगल कामना किया। विशेषज्ञ डॉ पल्लवी विश्वास (नृत्यांगना, संगीतज्ञ, लेखिका व कलामंत्री बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन ) व्याख्यान विशेषज्ञ का परिचय और सम्मान कर संस्था की न्यासी ने पूरे कार्यशाला में होने वाली क्रिया विधि का वर्णन किया। जैसे कि आने वाले 15 दिनों में ये कथक प्रशिक्षु कथक की तकनीकी को सीखेंगे। तथा नृत्य नाटिका की रचना संरचना को जानेंगे। कार्यशाला के समापन में रामायण के उद्धरण से सीता के अशोक वाटिका दृश्य पर आधारित नाटिका “तृण धरी ओट” का मंचन किया जाएगा। नाटिका की तैयारी कथक गुरु यामिनी के निर्देशन में होगा। कथक कार्यशाला में भाग लेने वाले लगभग 20 प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक अपना अपना परिचय दिया।
आज प्रथम दिन व्याख्यान में डॉ पल्लवी विश्वास ने बड़ी महीनता से शरीर के एक एक अंगों के दैनिक कार्यों में संचालन, किस प्रकार से एक दूसरे से तारतम्य बैठा कर कुशलता से कार्य कर पाते है और या नृत्य से जुड़ा है। प्रशिक्षुओं को प्रयोगात्मक रूप से बताया। भाव प्रभावतम होते कैसे है? हस्तकों से किस प्रकार भाषा दे सकते है? नर्तक के लिए साहित्य से जुड़ना क्यों जरूरी है? ऐसे कई जिज्ञासाओं का जवाब विशेषज्ञा ने बड़ी कुशलता प्रशिक्षुओं को दिया।
कार्यशाला के समापन में गुरु वंदना के नृत्यांकन रचना से कलानेत्री डॉ पल्लवी विश्वास ने अपने व्याख्यान को विराम दिया। धन्यवाद ज्ञापन रेखा शर्मा, संचालन यामिनी।