शिक्षायतन पटना में गुरु पूजनोत्सव

Uncategorized

पटना: 10 जुलाई 2025 :: गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर संगीत एवं कला को समर्पित संस्था संगीत शिक्षायतन में गुरु पूजानोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष “एक श्लोकी भाव कथा”, नृत्य नाटिका और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।
एक श्लोकी भाव कथा 🎶 पद्य:
“वन्दे तम् गुरुमाद्यं, जीवनस्य प्रदीपकम्।
तमो नाशकमार्गदर्शी, करुणासागरं विभुम्॥”
का विस्तार से विशेषज्ञ अवधेश झा (योगाचार्य) द्वारा व्याख्यान किया गया।
तथा इसी के भाव को सौर स्पष्ट करने के लिए कलात्मक रूप से नृत्य नाटिका: “गुरु जीवन का दीपक”* का मंचन किया गया। नृत्य रचना गुरु यामिनी के निर्देशन में तथा तान्या, सौम्या, शिवानी, ऋषिता, आन्या ने इसे बेहतरीन तरीके से  प्रदर्शित किया। नाटिका की रचना अवधेश झा ने किया था।

कार्यक्रम की शुरुआत हवन पूजन से हुई। शिक्षार्थियों द्वारा  अपने गुरु स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी को पुष्प अर्जित किए गए और गुरु के पूजन के बाद आपने अपने विभाग से सभी शिक्षार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियों से सभी का मन मुग्ध कर दिया।


गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरु देवो महेश्वरा … श्लोक की प्रस्तुति कथक और बॉलीवुड स्टाइल में जूनियर ग्रुप में अपनी अलग अलग प्रस्तुतयां दी। गुरुअष्टकम की प्रतीति सीनियर कथक शिक्षार्थियों ने देकर अपनी शिक्षा का बेहतर उदाहरण दिया। इसकी नृत्य रचना सौम्या आर्या ने किया था। नृत्य कलाकार में पीयूष मिश्रा, आन्या सिंह, ऋषिता, आराध्या श्रीवास्तव साथ दे रही थी। तराना की प्रस्तुति में सभी छात्राओं ने सम्मिलित रूप से प्रस्तुत किया। रिदमिक योग की प्रस्तुति के लिए योग शिक्षार्थियों को विशेष शाबाशी दी गई।

कथक नृत्यांगना यामिनी ने “शास्त्र और आत्मा” – गुरु का आदर्श स्वरूप विषय पर अपने व्याख्यान को साझा किया। शिक्षार्थियों के कई सवाल – जीवन में गुरु कौन है? गुरु का महत्व क्या है? आखिर गुरु क्या चाहते है? एक बेहतर शिष्य कैसा होता है? के जवाब दिया। 

कार्यक्रम के दिव्य वातावरण ने गुरु शिष्य परंपरा की सुगंध का अनुभव कराया। सभी को प्रसाद सम्मान और उपहार प्रदान किए गई। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षायतन की कार्यकारिणी सदस्या पूजा चौधरी ने दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *