पटना में आईपीएस विकास वैभव की उपस्थिति में ‘नवरात्रि सांस्कृतिक संध्या’ का भव्य आयोजन, विदुषियों को मिला ‘गार्गी शक्ति स्वरूपा सम्मान’

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पटना, 29 सितंबर 2025। #LetsInspireBihar अभियान के अंतर्गत #गार्गी_अध्याय की विदुषियों द्वारा राजधानी पटना में ‘नवरात्रि सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से हुई। इसके उपरांत लोकगीतों, भजनों और झिझिया, डांडिया व गरबा जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर गार्गी अध्याय से जुड़ीं 9 विदुषियों – डॉ. सृष्टि, अंजू स्मिता, रिंकू शर्मा, प्रतिमा सिंह, पूनम राज, ममता सिन्हा, फरहा नाज़, संगीता देवी और गुड़िया झा – को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों एवं उत्कृष्ट सामाजिक योगदान हेतु ‘गार्गी शक्ति स्वरूपा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईपीएस विकास वैभव ने कहा कि “गार्गी अध्याय आज बिहार में प्रबुद्ध एवं संकल्पित महिलाओं का प्रमुख वैचारिक और सामाजिक मंच बन चुका है। वर्तमान में Lets Inspire Bihar से सीधे रूप से जुड़े 2,55,000+ व्यक्तियों में 20,000+ महिलाएं सक्रिय हैं। अभियान के अंतर्गत 14 जिलों में 27 निःशुल्क पाठशालाएँ संचालित हो रही हैं, जिनमें से 22 केंद्र गार्गी अध्याय की विदुषियों द्वारा ‘गार्गी पाठशाला’ के रूप में स्थापित हैं। 1 अक्तूबर 2025 को महानवमी के दिन नवगछिया (महदत्तपुर) में गार्गी पाठशाला के नए केंद्र के शुभारंभ के साथ यह संख्या 15 जिलों में 28 हो जाएगी।”

उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं के स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गार्गी कला कौशल केंद्र, गार्गी कृत्या और गार्गी गृहिणी जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अब तक 800 से अधिक अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है। 2028 तक बिहार के प्रत्येक पंचायत में गार्गी अध्याय का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर बी. डी. पब्लिक स्कूल, पटना के निदेशक एस. बी. राय, मुख्य समन्वयक डॉ. प्रीति बाला, डॉ. बी. प्रियम, डॉ. रत्ना पुरकायस्थ, डॉ. बिंदा सिंह, नम्रता कुमारी, शायरीन इरम, भावना शर्मा, करिश्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सभी महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित बिहार निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

अपने उद्बोधन का समापन करते हुए श्री वैभव ने कहा –
“यात्रा गतिमान है — आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार!”

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