पटना: 3 नवंबर 2025 :: ब्रैडफोर्ड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, पटना में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर “राष्ट्रीय परिचर्चा” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से प्रख्यात शिक्षाविदों, प्राचार्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरदार पटेल के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को नए सिरे से समझना और युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रबल करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर राजनीश कुमार शुक्ल, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा द्वारा किया गया। वे इस अवसर के मुख्य अतिथि रहे। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता के लिए जो योगदान दिया, वह अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त भारत का निर्माण करना इतिहास का सबसे बड़ा कार्य था।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सरोज कुमार वर्मा, पूर्व डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सरदार पटेल का जीवन दृढ़ संकल्प, अनुशासन और दूरदृष्टि का उदाहरण है। आज के युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय, प्राचार्य, नवयुग कन्या पी.जी. महाविद्यालय, लखनऊ ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत नींव प्रदान की।प्रख्यात वक्ता के रूप में प्रोफेसर रामकांत शर्मा, प्रधान, इतिहास विभाग, द्वारका कॉलेज, पटना ने कहा कि सरदार पटेल के प्रयासों से देश राजनीतिक रूप से एकीकृत हो सका। उनका व्यक्तित्व भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा।परिचर्चा की अध्यक्षता प्रोफेसर मनोज कुमार मिश्रा, प्राचार्य, इंटरनेशनल बिजनेस कॉलेज, पटना ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज के समय में हमें उनके विचारों को अपने आचरण और नीति में अपनाने की आवश्यकता है।कार्यक्रम के अंत में बीआईबीएस, पटना के प्राचार्य श्री देवेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक संवाद था, बल्कि यह युवाओं में राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करने का एक प्रयास भी था।ब्रैडफोर्ड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन ईआर धर्मेंद्र कुमार ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरा वातावरण देशभक्ति और एकता की भावना से ओतप्रोत था।