- कंचन चौधरी
नई दिल्ली | 19 नवंबर 2025 :: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ उन्हें याद किया। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से एक भावपूर्ण संदेश साझा किया, जिसमें देश की पहली और अब तक की इकलौती महिला प्रधानमंत्री को “लौह महिला” कहकर नमन किया गया।
कांग्रेस ने लिखा— “भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री, लौह महिला इंदिरा गांधी को उनकी 108वीं जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम। उनका संपूर्ण जीवन भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित था।”
हरी क्रांति को दी नई दिशा — कांग्रेस ने अपने पोस्ट में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुई हरित क्रांति को भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना।
1960 में देश में गेहूं का उत्पादन जहाँ 11 मिलियन टन था, वहीं 1970 तक यह बढ़कर 36 मिलियन टन पहुँच गया। संयुक्त राष्ट्र की FAO रिपोर्ट के अनुसार, हरित क्रांति ने भारत को सदियों पुराने अकाल के भय से लगभग मुक्त कर दिया और भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया।
1971 युद्ध की ऐतिहासिक विजय — कांग्रेस ने 1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी की निर्णायक भूमिका को भी याद किया। महज 13 दिनों के भीतर भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया— जो विश्व इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य सरेंडर घटनाओं में से एक है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ। अमेरिका जैसे महाशक्तियों के भारी दबाव के बावजूद इंदिरा गांधी ने भारत की एक इंच भूमि तक नहीं छोड़ी।
पोस्ट के साथ इंदिरा गांधी का वह प्रसिद्ध वाक्य भी साझा किया गया—
“मेरे खून की आखिरी बूँद तक भारत को मजबूत बनाने के लिए है।”
देशभर में मनाई गई जयंती — कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूरे देश में उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें “भारत माता की सच्ची सपूत”, “विश्व की सबसे साहसी नेता” और “लौह महिला” के रूप में याद करते रहे।
इंदिरा गांधी: विश्वशक्ति से भारत की राजनीतिक शक्ति का प्रतीक है। इस तरह से इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में—परमाणु परीक्षण कार्यक्रम, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, गरीबी हटाओ अभियान, हरित क्रांति, और 1971 में पाकिस्तान को निर्णायक पराजय जैसे साहसिक कदम उठाकर न केवल भारत की राजनीतिक शक्ति को स्थापित किया, बल्कि विश्व मंच पर भी देश का कद ऊँचा किया। अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी उन्होंने अपने दृढ़ निश्चय और रणनीतिक नेतृत्व से करारा जवाब दिया।
कांग्रेस का कहना है कि इंदिरा गांधी का जीवन आज भी भारत के युवाओं, नेताओं और जनता के लिए अटूट प्रेरणा का स्रोत है।