आज के दौर में युवाओं की भूमिका केवल देश तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के वाहक बन चुके हैं। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था “दिव्या युवा मंच” द्वारा 04 से 06 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय “5वाँ अंतरराष्ट्रीय युवा विकास सम्मेलन” का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन ने देश-विदेश के युवाओं, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाकर विचार-विनिमय और सहयोग का अनूठा अवसर प्रदान किया।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में बिहार से “राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान” एवं “सम्भव” की संस्थापिका-सह-सचिव अर्पणा बाला ने अपने युवा सहयोगी दीपिका के साथ भाग लिया। उनकी सहभागिता ने बिहार के सामाजिक कार्यों और युवा सशक्तिकरण के प्रयासों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
सम्मेलन में देश के 20 राज्यों तथा विश्व के 5 देशों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें युवा, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने अपने-अपने अनुभव साझा किए। इस बहुआयामी सहभागिता ने सम्मेलन को और अधिक प्रभावशाली और समृद्ध बनाया।
सम्मेलन के प्रथम दिन प्रतिभागियों ने विश्व शांति का संदेश देने के उद्देश्य से चौधरी देवीलाल चौक से गांधी चौक तक पदयात्रा निकाली। इस यात्रा के माध्यम से समाज में शांति, सद्भाव और एकता का संदेश दिया गया। युवाओं की इस पहल ने स्थानीय लोगों को भी प्रेरित किया।
दूसरे दिन नशामुक्ति के संकल्प के साथ पंचमुखी चौक से अम्बेडकर चौक तक विश्व साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। साइकिल यात्रा ने पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस के महत्व को भी रेखांकित किया।
ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा प्रतिभागियों का आत्मीय स्वागत किया गया। आश्रम में न केवल आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिला, बल्कि ब्रह्म भोज के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सेवा भावना का परिचय भी हुआ। यह अनुभव प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
सम्मेलन के अंतिम दिन योग गुरु द्वारा प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया गया, जिससे शारीरिक और मानसिक संतुलन के महत्व को समझाया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रतिभागियों ने हरप्रभ आश्रम का भ्रमण कर निराश्रित एवं मंदबुद्धि व्यक्तियों की सेवा प्रणाली को समझा। इस अनुभव ने उन्हें समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के समापन पर आयोजक संस्था द्वारा सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से महिलाओं को “वीरांगना अवार्ड” देकर उनके योगदान को सराहा गया, जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला।
“5वाँ अंतरराष्ट्रीय युवा विकास सम्मेलन” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आंदोलन साबित हुआ, जिसने युवाओं को समाज, राष्ट्र और विश्व के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। यह सम्मेलन भविष्य में और अधिक सकारात्मक बदलावों की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।