राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की कार्यकारिणी बैठक हुआ सम्पन्न

Uncategorized

नई दिल्ली में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का सफल आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। इस बैठक ने न केवल पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दों को केंद्र में रखा, बल्कि संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में भी ठोस निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता आयोग के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने की, जिसमें देशभर से आए पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।

बैठक के दौरान निशिकांत राय ने संगठन की भावी योजनाओं और प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयोग हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करेगा, जिससे संगठन की पहुंच और सक्रियता पूरे देश में बढ़ेगी। यह कदम क्षेत्रीय स्तर पर पत्रकारों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए अधिक प्रभावी रणनीति बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय स्मारिका प्रकाशन से जुड़ा रहा। आयोग द्वारा प्रत्येक कार्यकारिणी बैठक के अवसर पर एक स्मारिका प्रकाशित की जाएगी, जिसमें विभिन्न राज्यों में किए गए कार्यों, उपलब्धियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण होगा। यह स्मारिका न केवल संगठन की गतिविधियों का दस्तावेज बनेगी, बल्कि अन्य सदस्यों और संगठनों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी साबित होगी।

पत्रकारों के सम्मान और प्रोत्साहन को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह भी तय किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल पत्रकारों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कार्य के प्रति समर्पण को बढ़ावा देगी। निशिकांत राय ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं, इसलिए उनका मनोबल ऊंचा रखना बेहद जरूरी है।

पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। आयोग ने यह स्पष्ट किया कि यदि किसी पत्रकार के साथ कोई घटना या दुर्घटना होती है, तो संबंधित राज्य इकाई सरकार से जांच और मुआवजे की सशक्त मांग करेगी। यह निर्णय पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इसके साथ ही, पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। जिन राज्यों में पहले से ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस लागू हैं, वहां इन योजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं जिन राज्यों में ऐसी योजनाएं लागू नहीं हैं, वहां उन्हें लागू कराने के लिए संबंधित सरकारों को पत्र लिखा जाएगा। यह पहल पत्रकारों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

संगठनात्मक मजबूती के लिए आयोग ने कोर ग्रुप के गठन और पदाधिकारियों के कार्यों का स्पष्ट विभाजन करने का भी निर्णय लिया। इससे संगठन की कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। स्पष्ट जिम्मेदारियों के निर्धारण से कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

सामाजिक दायित्व के तहत आयोग ने एक सराहनीय पहल की घोषणा की। आयोग के बैनर तले गरीब बच्चों के लिए 15 दिनों की मुफ्त कैरियर काउंसलिंग और ऑनलाइन यूपीएससी तैयारी कराई जाएगी। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।

बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एस.एन. भट्ट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा और सुरेश कुमार शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रो. निशा सिंह, राष्ट्रीय सचिव संघमित्रा सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। वाराणसी मंडल अध्यक्ष राजेश गौतम, निशांत भारती, संजय कुमार मिश्रा, संतोष कुमार, संदीप कुमार, डॉ. वारिस अहमद खान, योगेश भट्ट, एस.एस. चंदेल और सुदर्शन कुमार समेत अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और संगठन के विकास के लिए सुझाव दिए।

यह बैठक राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा लेकर आई है। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए उठाए गए ये कदम न केवल सराहनीय हैं, बल्कि भविष्य में पत्रकारिता के क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *