आईपीएस विकास वैभव के नेतृत्व में पटना में ऐतिहासिक ‘गार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026’ का आयोजन, 1000 से अधिक विदुषियों ने लिया भाग

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पटना, 8 मार्च 2026 :: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना के अनुग्रह नारायण कॉलेज में Lets Inspire Bihar अभियान के अंतर्गत गार्गी अध्याय द्वारा ‘गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 की तरह इस वर्ष भी आयोजित यह सम्मेलन बिहार के सभी जिलों से आई 1000 से अधिक विदुषियों, शिक्षाविदों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला नेतृत्वकर्ताओं की सहभागिता के कारण अभियान से जुड़ी महिलाओं का सबसे बड़ा कार्यक्रम बनकर ऐतिहासिक बन गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अभियान के संस्थापक आईपीएस विकास वैभव ने बताया कि Lets Inspire Bihar अभियान की शुरुआत 22 मार्च 2021 को इस संकल्प के साथ हुई थी कि जाति, संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों से ऊपर उठकर 2047 तक विकसित भारत में विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास किया जाए। उन्होंने बताया कि आज इस अभियान से वैश्विक स्तर पर 3.5 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, हालांकि प्रारंभिक छह महीनों में कोविड संक्रमण के कारण केवल 15 हजार लोग ही इससे जुड़ पाए थे और महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। उन्होंने कहा कि इसी समय अभियान के संदेशों से प्रेरित होकर डॉ. प्रीति बाला उनसे मिलने आईं और बड़ी संख्या में महिलाओं को अभियान से जोड़ने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने गार्गी अध्याय की मुख्य समन्वयक की जिम्मेदारी संभाली और अध्याय का विस्तार प्रारंभ हुआ। आज यह अध्याय 30 हजार से अधिक विदुषियों के साथ अभियान का सबसे सक्रिय और प्रभावशाली मंच बन चुका है। अभियान के अंतर्गत वर्तमान में बिहार के 16 जिलों में 30 निःशुल्क शिक्षा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 जिलों के 25 केंद्र महिलाओं द्वारा ‘गार्गी पाठशाला’ के रूप में संचालित हैं। इन केंद्रों में 2000 से अधिक वंचित बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो महिलाओं के सशक्त नेतृत्व का उदाहरण है।

अपने संबोधन में श्री वैभव ने ‘गार्गी’ नाम के दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गार्गी केवल एक प्रतीक नहीं, साहस, बौद्धिक शक्ति और रचनात्मक परिवर्तन की भावना का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने प्राचीन दार्शनिक गार्गी वाचक्नवी के संवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपने समय से बहुत आगे की व्यक्तित्व थीं और आज भी निडर जिज्ञासा और बौद्धिक सशक्तिकरण की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विकसित बिहार का निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसमें महिलाओं की अग्रणी भूमिका निर्णायक होगी। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन का संदेश रखा गया — “विकसित भारत 2047 : महिला विकास से महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर।”

इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व का उत्सव मनाना तथा शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करना रहा। बीते चार सम्मेलनों में 800 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष के सम्मेलन में 51 महिलाओं को ‘गार्गी उत्कृष्टता सम्मान’ प्रदान किया गया, जबकि 300 से अधिक महिलाओं को उनके विशिष्ट सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित अतिथियों के रूप में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शांति रॉय, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य सुषमा साहू, पूर्व विधायक उषा विद्यार्थी, सुप्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नूतन, डॉ. बी. प्रियम, डॉ. बिंदा सिंह, डॉ. पूनम चौधरी और विनीता मिश्रा सहित अनेक प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. प्रीति बाला, नेहा सिंह, शायरीन इरम, नम्रता कुमारी, शबनम अखौरी, अंजलि भारद्वाज, रीना पांडेय, करिश्मा, अनुभा गुप्ता, निशा, नितिका अग्रवाल, बिन्नी बाला, प्रिया सिंह, आशीष रंजन, राम इकबाल, निर्भय सिंह तथा मुख्य समन्वयक राहुल कुमार सिंह सहित गार्गी अध्याय के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सम्मेलन ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता, नागरिक उत्तरदायित्व और महिला-नेतृत्व वाले विकास की व्यापक दृष्टि को सशक्त करते हुए यह संदेश दिया कि विकसित बिहार के निर्माण में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी। कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन के विभिन्न प्रेरक दृश्यों को साझा किया गया और यह संदेश दिया गया कि “यात्रा गतिमान है।”

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