पता नहीं वह कहां गई?
प्रो. अजय कुमार झा पंकज के एक कनिष्ठ सहकर्मी रहे हैं: राजवंश जी। तब कोविड अपने चरम पर था। उनके शहर में लॉक डाउन चल रहा था। रोज किसी न किसी अप्रिय घटना का समाचार हर घंटे टपक रहा था। ज्यादातर लोगों के कितने ही अपने इष्टमित्र, परिजन और परिचित उन्हें छोड़कर जा चुके थे। कई […]
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