गुरुगोविंद सिंह की 354 वें प्रकाशपर्व की सभी तैयारियाँ पूरी

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-जितेन्द्र कुमार सिन्हा

पटना, 19 जनवरी :: सिखों के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह की 354 वें प्रकाशपर्व के अवसर पर 19 जनवरी (मंगलवार) को पटना साहिब गुरुद्वारा में प्रकाश उत्सव और बाल लीला में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देश-विदेश से भी सिख तीर्थयात्री पटना साहिब गुरुद्वारा में प्रकाश उत्सव और बाल लीला में शामिल हो रहे हैं और अपनी हाजिरी गुरु के दरबार में लगा रहे है।

सूत्रों ने बताया कि पटनासाहिब के तख्त श्री हरमन्दिर साहिब गुरुद्वारा में गुरुगोविंद सिंह महाराज की प्रकाशपर्व धूमधाम के साथ मनाने की तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। गुरूद्वारा को पूरी तरह रंग बिरंगी रोशनियों से सजा दिया गया है, जिससे पूरा गुरुद्वारा जगमगा रहा है। गुरु वाणी और कृतन की मधुर गूँज से लोग उत्साहित हो रहे हैं। प्रकाशपर्व के अवसर पर सुरक्षा का पुख्ता इंतेज़ाम किया गया है।सिख श्रद्धालुओं के आने का ताँता लगा हुआ है। प्रकाशपर्व का मुख्य समारोह 20 जनवरी (वुधवार) को पटना साहिब गुरुद्वारा में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, बिहार नीतीश कुमार समेत कई नेता गुरुघर पहुँचेंगे।

प्रकाशपर्व के अवसर पर पटनासाहिब के गाय घाट से सिख श्रंद्धालुओं ने नगर कीर्तन निकाली, जिसमें देश- विदेश से सिख श्रंद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। गाजे बाजे के साथ निकाली गई नगर कीर्तन की भव्यता देखते ही बन रही थी जो नगर भ्रमण करते हुए देर शाम पटना साहिब तख्त श्री हरिमंदिर पहुँचा। नगर कीर्तन में आगे-आगे पंच प्यारे के अगुआई में सिख श्रंद्धालुओं का जत्था मंगल पाठ करता हुआ चल रहा था। वहीं फूलो से सजा गुरु ग्रन्थ साहिब के झुलते निशान अद्भुत छटा पेश कर रही थी।

गुरुद्वारा के महासचिव ने बताया कि इस बार प्रकाश पर्व में श्रंद्धालुओं की संख्या में कमी आयी है। किसान आंदोलन को लेकर पंजाब हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यो से श्रंद्धालु पटना साहिब नही पहुँचे है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रकाशपर्व को लेकर सैकड़ो की संख्या में कारीगर और सिख श्रद्धालु लंगर में प्रसाद बनाने के लिए अपने काम में लगे हुए हैं। जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रंद्धालु लंगर में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। लंगर के लिए महिला श्रद्धालु आटा गुथने और रोटी तैयार करने में पूरी लगन से जुटी हुई है। बही कुछ श्रद्धालु लंगर घर में सेवादार के रूप में काम में लगे हुए है। सिख श्रद्धालुओ की माने तो सेवा को धर्म मान कर लंगर में अपनी मुफ्त सेवा में लगे हुए है। गुरुद्वारा की यह खासियत है कि गुरु घर में सभी श्रद्धालु एक सामान होते हैं, जहाँ गरीव-अमिर एक ही कतार में बैठ कर लंगर लेते है। सेवा भावना से श्रद्धालु लंगर घर में खाना बनाने से लेकर खाना खिलानें और जूठा वर्तन धोने तक का काम भी सेवा भावना से करने में जुटा है ।
जिला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है कोरोना कोविड-19 से बचने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और डॉक्टरों की विशेष टीम भी नियुक्त की गई है।

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