पर्यावरण की सुरक्षा सबों का दायित्व है : प्रदीप कुमार

Environment

अहमदाबाद के जुंदाल सर्कल के पास स्थित नवपाद हेलियस सोसायटी में सामाजिक संस्था “खिलखिलाहट: मुस्कान की किरण” द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना और हरियाली बढ़ाना था। संस्था की यह पहल न केवल समाज में पर्यावरणीय चेतना जगाने का कार्य कर रही है, बल्कि लोगों को अपने जीवन के विशेष अवसरों को पौधारोपण से जोड़ने की प्रेरणा भी दे रही है।

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत लगभग 25 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। प्रमुख पौधों में अमरूद, आम, आँवला, शहतूत, जलेबी, नीम, पीपल, गुलमोहर और अशोक शामिल था। इन पौधों का चयन बहुत सोच-समझकर किया गया था, ताकि वह न केवल छाया और ऑक्सीजन दें, बल्कि आने वाले समय में समाज के लिए उपयोगी भी बनें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने की। उन्होंने कहा, “पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, यह सभी नागरिकों का साझा दायित्व है।” उन्होंने यह भी अपील किया है कि सब लोगों को प्लास्टिक के उपयोग से बचना चाहिए और पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करनी चाहिए।

इस अवसर पर घरेलू पौधों का वितरण भी किया गया, जिसमें तुलसी, मीठी तुलसी, स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट और ओलिवेरा जैसे पौधे शामिल थे। इन पौधों को लोगों में बांटकर उन्हें अपने घरों में हरियाली और शुद्धता लाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में शामिल विशिष्ट अतिथियों में गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जय नारायण शाही, निदेशिका शालिनी वर्मा के साथ-साथ क्षितिज सिन्हा, नीरज सिन्हा, अरविंद सिन्हा, अर्चना सिन्हा, संध्या सिन्हा, वर्षा देव, शशि प्रभा और पंकज अंबेकर जैसे सक्रिय सदस्य भी उपस्थित थे। इन सभी ने पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष जय नारायण शाही ने सभी सहभागियों का आभार प्रकट करते हुए एक भावनात्मक अपील किया कि “अपने जन्मदिवस या किसी यादगार दिन पर एक पौधा लगाकर उसे जीवनभर पालें, जैसे अपने रिश्ते निभाते हैं।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लोग पौधों को उपहार स्वरूप देकर एक सकारात्मक परंपरा की शुरुआत करें।

संस्था “खिलखिलाहट: मुस्कान की किरण” का यह प्रयास न केवल समाज में पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि यह एक नई सोच, नई संस्कृति और हरियाली की दिशा में प्रेरणादायक कदम भी है।

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