बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी,जो बिहार का एकमात्र कॉलेज है, जिसे उच्च शिखर तक पहुँचाने वाले दो चिकित्सक डॉ किशोर कुमार, विभागाध्यक्ष एवं नियंत्रण अधिकारी और डॉ अभय कुमार जायसवाल,(शैक्षणिक प्रभारी) सेवानिवृत्त हो गए। कॉलेज के विकास , अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति इन दोनों का योगदान अमूल्य और सराहनीय है। इन दोनों के संघर्ष के कारण ही आज इस संस्थान की एक अलग पहचान बनी है।
कॉलेज के विभागाध्यक्ष एवं नियंत्रण अधिकारी डॉ किशोर कुमार ने वर्ष 2009 में अपना योगदान दिया और 17 वर्षों तक अनवरत अपनी सेवा देकर कॉलेज को उच्य शिखर तक पहुँचाया। इनके संघर्ष का ही परिणाम है कि कॉलेज को नया भवन मिला, सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़कर 67 वर्ष हुई। कॉलेज में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए स्वास्थ्य विभाग , बिहार सरकार से अनापत्ति प्रमाण-पत्र दिलवाया। कॉलेज के सर्वांगीण विकास में इनका योगदान सराहनीय रहा।
नई जिम्मेदारियों को संभालते हुए विभागाध्यक्ष एवं नियंत्रण अधिकारी डॉ प्रियदर्शी आलोक भाव विह्वल हो अपने सेवानिवृत्त अधिकारियों को भारी मन से विदाई दी। उन्होंने अकादमिक मानकों को और मजबूत करने, संस्थागत कामकाज में सुधार करने और कॉलेज एवं अस्पताल दोनों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आनेवाले वर्षों में संस्थान को और अधिक ऊँचाइयों पर ले जाते हुए शिक्षा, रोगी की देखभाल और समग्र प्रशासन में उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि इनके अधूरे मिशन को हम सभी मिलकर पूरा करेंगे।
इस अवसर पर डॉ प्रियदर्शी आलोक ने दोनों को सूट देकर सम्मानित किया जबकि डॉ उदय कुमार, डॉ मनोज कुमार और डॉ आर सी विद्यार्थी ने पुष्पगुच्छ और शॉल देकर सम्मानित किया।इसी प्रकार अन्य चिकित्सकों ने भी कुछ न कुछ उपहार देकर सम्मानित किया।
नया प्रभार ग्रहण करने वालों में वरिष्ठतम शिक्षक डॉ उदय कुमार ने ऑक्यूपेशनल थेरेपी के प्रभारी विभागाध्यक्ष का,सह प्राध्यापक डॉ उमेश कुमार ने शैक्षणिक प्रभारी का, डॉ रंजनेश चन्द्र विद्यार्थी एवं डॉ सज्जन कुमार ने सह संयुक्त प्रभारी का और डॉ अभय कुमार जायसवाल ने सह प्राध्यापक का पदभार ग्रहण किया।
कॉलेज के चिकित्सकों ने नये विभागाध्यक्ष एवं नियंत्रण अधिकारी डॉ प्रियदर्शी आलोक का स्वागत करते हुए उनका जन्मदिन भी मनाया। चिकित्सकों ने उनसे केक कटवा कर हर्षोल्लास पूर्वक उनका जन्मदिन मनाया और शुभकामनाएं दी।पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया।