अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और अपनत्व का संदेश देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर 2026 को गुलजारबाग स्थित सहारा वृद्धाश्रम में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की स्वतंत्र इकाई ‘मेरा युवा भारत’ की पटना जिला इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में वृद्धजनों के साथ समय बिताने के साथ उन्हें सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि वृद्धावस्था जीवन का ऐसा पड़ाव है, जहां व्यक्ति को सबसे अधिक जरूरत सम्मान, स्नेह, संवाद और साथ की होती है। आयोजन के दौरान वृद्धाश्रम में रहने वाली महिलाओं और पुरुषों के चेहरों पर दिखाई दी खुशी ने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वृद्धजनों के सम्मान और उनके अनुभवों से सीख लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री का वितरण करना नहीं था, बल्कि बुजुर्गों के बीच जाकर उनके साथ आत्मीय समय बिताना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़े होने का एहसास कराना भी था। ‘मेरा युवा भारत’ की पटना जिला इकाई की जिला युवा अधिकारी निशा कुमारी के आग्रह पर राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान की सचिव अर्पणा बाला ने कार्यक्रम की समन्वयक की भूमिका निभाई। उन्होंने आयोजन की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वृद्धाश्रम में रहने वाली महिलाओं के बीच 111 साड़ियों का वितरण रहा। महिलाओं को साड़ी प्रदान कर उनका सम्मान किया गया। वहीं वृद्धाश्रम में रहने वाले पुरुषों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वृद्धजनों के लिए ऐसे अवसर केवल उपहार पाने तक सीमित नहीं होते हैं। उनके लिए किसी का पास बैठना, हालचाल पूछना, बातचीत करना और सम्मान के साथ उन्हें संबोधित करना भी विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम में इसी आत्मीयता का वातावरण दिखाई दिया।
आयोजन के अगले चरण में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वृद्धजनों के सम्मान के साथ प्रकृति के संरक्षण को जोड़ना कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता रही। वृक्षारोपण यह संदेश भी देता है कि जैसे पेड़ अपने जीवनभर समाज को छाया, फल और प्राणवायु देते हैं, वैसे ही बुजुर्ग अपने अनुभवों और संस्कारों से परिवार और समाज को समृद्ध करते हैं। इसलिए उनका सम्मान और पर्यावरण संरक्षण दोनों आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में कविता और गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। उपस्थित लोगों ने अपनी रचनाओं और गीतों के माध्यम से बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जीवन के अनुभवों को अभिव्यक्त किया। कुछ समय के लिए वृद्धाश्रम का वातावरण उत्सव और पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। इस अवसर पर बख्तियारपुर के सभापति पवन कुमार सिंह और उपसभापति प्रियंका देवी ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया। डॉ. शत्रुघन सिंह, सहयोगी खुशबू देवी, शाकंभरी और अंशुमाली सहित अनेक लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का मूल उद्देश्य वृद्धजनों के अधिकार, सम्मान, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ऐसे आयोजन इस उद्देश्य को सामाजिक स्तर पर मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। सहारा वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बुजुर्गों की जरूरत केवल आर्थिक सहायता नहीं है। उन्हें सम्मान, संवाद, स्नेह और अपनत्व की भी उतनी ही आवश्यकता है। परिवार और समाज यदि उनके अनुभवों को महत्व दें और उन्हें सक्रिय सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाए रखें तो वृद्धावस्था भी जीवन का गरिमापूर्ण और आनंदमय चरण बन सकती है।
कार्यक्रम का समापन गीत और कविता की प्रस्तुतियों के साथ हुआ। आयोजन ने वृद्धजनों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ उपस्थित लोगों को भी यह याद दिलाया कि जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां अनुभव, संस्कार और संवेदनशीलता की परंपरा मजबूत बनी रहती है।