- कंचन चौधरी
पटना, 15 जनवरी 2026 :: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल 16 जनवरी से अपनी नई राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह उनकी 2005 से अब तक की 16वीं ऐसी यात्रा होगी, जिसका मुख्य फोकस विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन, सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और आम जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है।
पहला चरण: 16 से 24 जनवरी तक, 9 जिलों में दौरा
समृद्धि यात्रा का पहला चरण कुल 9 दिनों (16 से 24 जनवरी) का होगा, जिसमें मुख्यमंत्री 9 जिलों का दौरा करेंगे। यात्रा ऐतिहासिक पश्चिम चंपारण (बेतिया) से शुरू होकर वैशाली में समाप्त होगी।
विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
16 जनवरी: पश्चिम चंपारण (बेतिया से शुरुआत)
17 जनवरी: पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)
19 जनवरी: सीतामढ़ी एवं शिवहर
20 जनवरी: गोपालगंज
21 जनवरी: सिवान
22 जनवरी: सारण
23 जनवरी: मुजफ्फरपुर
24 जनवरी: वैशाली
इस दौरान मुख्यमंत्री ‘सात निश्चय पार्ट-2/3’, प्रगति यात्रा में घोषित योजनाओं की प्रगति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य प्रमुख स्कीमों का जमीनी निरीक्षण करेंगे।
कई परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और कार्यारंभ भी प्रस्तावित है।
जन-संवाद पर विशेष जोर
नीतीश कुमार की यात्राओं की सबसे बड़ी खासियत रही है कि वे सरकारी रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय आम लोगों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों से सीधे मिलते हैं। इस यात्रा में भी हर जिले में ‘जन संवाद’ और जन सुनवाई कार्यक्रम होंगे, जहां लोग अपनी समस्याएं रख सकेंगे और सुझाव दे सकेंगे।
जदयू नेताओं के अनुसार, पिछली यात्राओं (जैसे प्रगति यात्रा) से मिले फीडबैक पर ही महिला रोजगार योजना जैसी कई महत्वपूर्ण स्कीम शुरू हुईं।राजनीतिक
संदर्भ और महत्व
2025 विधानसभा चुनाव में NDA की भारी जीत (202 सीटें) के बाद यह यात्रा मुख्यमंत्री की सक्रियता, सुशासन और जन-केंद्रित छवि को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। जदयू प्रवक्ता ने कहा, “ठंड के मौसम में भी यात्रा निकालना नीतीश कुमार की बिहार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाता है।” वहीं, विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि वे सरकार के 100 दिनों बाद अपनी प्रतिक्रिया देंगे, जिससे राजनीतिक बहस तेज होने की उम्मीद है!
प्रशासनिक तैयारियां चरम पर
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित हो।
पश्चिम चंपारण से वैशाली तक सभी जिले अलर्ट मोड पर हैं, और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।यह यात्रा बिहार में विकास को ‘समृद्धि’ में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर आने वाले बजट और नीतियों में बड़े फैसले हो सकते हैं। पूरी यात्रा चरणबद्ध तरीके से सभी 38 जिलों तक जारी रहेगी।