पत्रकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है – “राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग”

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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाली पत्रकारिता समाज को जागरूक, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज के समय में पत्रकार अनेक चुनौतियों, दबावों और जोखिमों के बीच अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए “राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग” की स्थापना डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट (पंजीकृत) के अंतर्गत एक विशेष विंग के रूप में की गई है। आयोग का उद्देश्य देशभर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा स्वतंत्र एवं नैतिक पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना है।

“राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग” का मुख्य लक्ष्य पत्रकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां उन्हें आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता, आपातकालीन सहयोग और चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। आयोग पत्रकारों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें सामाजिक और संस्थागत समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही आयोग पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों, निष्पक्षता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने का कार्य भी करता है, जिससे समाज में विश्वसनीय और सकारात्मक पत्रकारिता को मजबूती मिल सके।

डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से आयोग पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित करने की दिशा में कार्यरत है। इसके अतिरिक्त किसी पीड़ित, घायल अथवा दिवंगत पत्रकार के परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि कठिन परिस्थितियों में उन्हें आवश्यक संबल मिल सके।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग में विभिन्न प्रकार की सदस्यता का प्रावधान किया गया है। आजीवन सदस्य (Life Member)- ऐसे पत्रकार या समाजसेवी जो आयोग के नियमों का पालन करने तथा निर्धारित आजीवन सदस्यता शुल्क जमा करने के इच्छुक हो। सक्रिय सदस्य (Active Member)- आयोग के प्रमाणित पत्रकार, संवाददाता, छायाकार, संपादक एवं अन्य मीडिया प्रतिनिधि, जो क्षेत्र में सक्रिय रूप से पत्रकारिता कर रहे हो। मानद सदस्य (Honorary Member)- समाज, शिक्षा, पत्रकारिता अथवा अन्य क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां, जिन्हें ट्रस्ट अथवा आयोग द्वारा आमंत्रित किया जाएगा। सदस्य बनने के लिए आवश्यक है कि आवेदक भारत का नागरिक हो, उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो तथा वह किसी भी राष्ट्रविरोधी या आपराधिक गतिविधि में संलिप्त न हो।

आयोग का संचालन एक प्रबंध समिति द्वारा किया जाता है, जिसका अंतिम नियंत्रण डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट के पास रहता है। समिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सचिव, कोषाध्यक्ष तथा कार्यकारी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष आयोग की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं, नीतिगत निर्णय लेते हैं तथा आयोग के कार्यों की निगरानी करते हैं। महासचिव बैठकों का आयोजन, कार्यवृत्त तैयार करने, पत्राचार एवं प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। वहीं कोषाध्यक्ष आयोग की आय-व्यय का लेखा-जोखा रखते हैं, बैंक खातों का संचालन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करते हैं तथा ऑडिट रिपोर्ट ट्रस्ट को प्रस्तुत करते हैं।

आयोग का अपना अलग बैंक खाता संचालित किया जाएगा, जिसे “राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग (A Unit of Dr. Zakir Hussain Education Trust)” के नाम से खोला जाएगा अथवा ट्रस्ट के मुख्य खाते के उप-खाते के रूप में संचालित किया जा सकेगा। आयोग की आय के प्रमुख स्रोत सदस्यता शुल्क, दान, ट्रस्ट द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं से प्राप्त अनुदान होंगे। वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष आयोग के खातों का ऑडिट एक प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा कराया जाएगा।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग पत्रकारिता की गरिमा और नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। यदि कोई सदस्य आयोग या ट्रस्ट के नियमों का उल्लंघन करता है, पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है अथवा आयोग की छवि को नुकसान पहुंचाता है, तो प्रबंध समिति एवं ट्रस्ट को उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का पूर्ण अधिकार होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य संगठन की विश्वसनीयता बनाए रखना तथा पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करना है।

आयोग के बायलॉज में किसी भी प्रकार का संशोधन, परिवर्तन अथवा नया प्रावधान केवल डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की स्वीकृति तथा दो-तिहाई (2/3) बहुमत से ही किया जा सकेगा। इससे संगठन की नीतियों में पारदर्शिता, स्थिरता और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

“राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग” केवल एक संगठन नहीं है, बल्कि पत्रकारों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित एक व्यापक पहल है। यह आयोग पत्रकारों को कानूनी, सामाजिक और संस्थागत सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ जिम्मेदार एवं नैतिक पत्रकारिता को भी प्रोत्साहित करता है। डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट के संरक्षण में कार्यरत यह आयोग भविष्य में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और विकास का एक सशक्त मंच बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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