श्रृंगार
इषिका शर्मा कभी कभी मैं सोचती हूँ,आखिर वो कौन स्त्री होती हैं,जो श्रृंगार छोड़ देती हैं?शायद वो खून से लथपथ बॉर्डर पर पाई जाती हैं,या किसी जंग – ए – मैदान मेंअपने देश के लिए लड़ती है।या अपने ही घर परिवार मेंअपने ही हक के लिए लड़ती हैं।या किसी घर में बेचारी, बेजान बनकरघूंघट में […]
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