कायस्थों को विशेष जिम्मेदारी देने की जरूरत : अरविंद केजरीवाल

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  • जितेन्द्र कुमार सिन्हा

पटना (नई दिल्ली), 20 दिसम्बर 2021 :: देश की आजादी की लड़ाई, प्रशासनिक ढांचे को सुव्यस्थित बनाने में कायस्थों का महत्वपूर्ण योगदान और राष्ट्रहित में योगदान के लिए हमेशा तैयार रहने को देखते हुए कायस्थों को राजनीति में विशेष जिम्मेवारी दी जानी चाहिए। उक्त बातें आज नई दिल्ली स्थित तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में जीकेसी द्वारा आयोजित विश्व कायस्थ महासम्मेलन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कही।

उन्होंने कहा कि राजनीति तथा सत्ता में पद केवल धर्म और जाति के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि योग्यता तथा गुणवत्ता को भी समुचित सम्मान देना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि पूरे राष्ट्र में योग्यता और गुणवत्ता के मामले में कायस्थों से तुलना किसी अन्य से नहीं की जा सकती। देश में जब- जब किसी प्रकार का संकट आया है या लोकतंत्र पर खतरा उत्पन्न हुआ है तो कायस्थों ने बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका अदा की है। उन्होंने सर्वसमाज को आगे बढ़ाने तथा शैक्षणिक – सांस्कृतिक प्रगति में कायस्थों से अग्रणी भूमिका निभाते रहने की अपील की।

उक्त अवसर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज की विशिष्टिताओं को किसी को बताने की जरूरत नहीं है बल्कि उसे भरपूर आदर और सम्मान देने की आवश्यकता है। उन्होंने ने1 भी दुनिया भर में कायस्थों से एकजुट होकर सर्वसमाज के लिए कार्य करने की अपील की।

महासम्मेलन को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रख्यात अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने भी सम्बोधित किया और कहा कि विश्व कायस्थ महासम्मेलन से कायस्थों के एकजुट होने का स्पष्ट संकेत मिलता है और आज जिस प्रकार से यहां देश के विभिन्न राज्यों से एवं अन्य देशों से कायस्थों के प्रतिनिधि जुटे हैं इससे स्पष्ट पता चलता है कि अब हमारे राजनीतिक अधिकारों एवं हितों को कोई नजर अंदाज नहीं कर सकता है।

कार्यक्रम के आरंभ में आगन्तुकों का स्वागत करते हुए ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हम विश्व कायस्थ महासम्मेलन के माध्यम से देशभर में बड़ी संख्या में फैले कायस्थ परिवारों को उनके राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी बुलंद आवाज को सत्ता तथा राजनीति के गलियारे तक पहुंचाने के लिए एकजुट हुए हैं ।

उन्होंने कहा कि जो कायस्थ हित की बात करेगा, जो कायस्थ हित का सम्मान करेगा , कायस्थ हमेशा उसके साथ रहेगा।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) पूरी दुनिया में कायस्थों का सबसे बड़ा संगठन बनकर उभरा है और देश के लगभग सभी राज्यों समेत 20 से अधिक देशों में इसका गठन हो चुका है । जीकेसी की ओर से शिक्षा , रोजगार, व्यापार, कला- संस्कृति, खेल, कृषि, पर्यावरण आदि के क्षेत्र में कायस्थ युवाओं तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरन्तर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यही कारण है कि आज जीकेसी अपने गठन के केवल 11 महीने के अंदर ही विश्व कायस्थ महासम्मेलन आयोजित करने में और सभी राज्यों से बड़ी संख्या में कायस्थों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सफल हुआ है।

ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने यह भी कहा कि कायस्थों के समग्र हितों को ध्यान में रखते हुए जीकेसी निरंतर अभियान चलाते रहेगा और उनके समुचित हक एवं अधिकार के सशक्तिकरण के लिए काम करेगा।

उक्त अवसर पर पूर्व सांसद संजय निरुपम ने कहा कि कायस्थों का इतने बड़े पैमाने पर महासम्मेलन आयोजित होना यह स्पष्ट करता है कि अब हमारे हितों को कोई नजरअंदाज नहीं करेगा और हम सब संगठित होकर राजनीतिक के अलावा आर्थिक, व्यापारिक एवं शैक्षणिक अधिकारों को लेकर रहेंगे।

कार्यक्रम में आप के सांसद संजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के अलावा देश की प्रगति में कायस्थों की विशिष्ट भूमिका रही है और राष्ट्रहित में इस समाज के लोगों पर अब विशिष्ट जिम्मेवारी सौंपी जानी चाहिए।

कार्यक्रम को सुप्रसिद्ध अभिनेता अंजन श्रीवास्तव , प्रख्यात अभिनेता शेखर सुमन एवं उनके सुपुत्र अभिनेता अध्ययन सुमन ने संबोधित करते हुए कहा कि कायस्थों को संगठित होकर कार्य करने की जरूरत है और जब हम संगठित हो जाएंगे तो कोई भी हमें कमजोर समझ कर नजर अंदाज करने का प्रयास नहीं करेगा ।

उक्त अवसर पर प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने राष्ट्र संगठन में महिलाओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाएं जब आगे आ जाएंगे तो कायस्थों का हर तरह से सशक्त होना सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने महिला सेल के कार्यों की सराहना भी की ।

कार्यक्रम में कमल किशोर के नेतृत्व (संपादन) में प्रकाशित स्मारिका का पूर्व मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व सांसद संजय निरुपम एवं ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने विमोचन किया।

कार्यक्रम में कायस्थ हिंदू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणि जी महाराज, प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, जीकेसी के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदाधिकारियों में अखिलेश श्रीवास्तव, कमल किशोर, आनंद सिन्हा, अनुराग सक्सैना, ऋतु खरे, प्रेम कुमार, दीपक कुमार अभिषेक, संजय कुमार सिन्हा, दीपक वर्मा, कला संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल अध्यक्ष अंजन श्रीवास्तव एवं पार्श्व गायिका प्रिया मल्लिक , मृणालिनी अखौरी, अशोक सक्सेना , ऋतु खरे, नवीन कांत, अविनाश श्रीवास्तव, अतुल आनंद सन्नू , श्रुति सिन्हा , पवन सक्सेना, मिहिर भोले, राजीव कांत, प्रशांत सक्सेना, निश्का रंजन, नवीन कुमार, सौरभ कुमार वर्मा, कुमार आर्यन श्रीवास्तव, प्रजेश शंकर, आलोक कुमार, चन्द्र भानु सिन्हा, दीप श्रेष्ठ , डॉ० नम्रता आनंद, निरभ समदर्शी, मुकेश कुमार सिन्हा, जितेन्द्र कुमार सिन्हा, राजेश सिन्हा संजू , आशुतोष ब्रजेश, प्रियरंजन, राजेश कुमार डब्लू , सुशील श्रीवास्तव सहित जीकेसी के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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