पटना, 1 मई: ब्रिटिश लिंगुआ ने गुरुवार को राज्यव्यापी सामाजिक अभियान “फ्रॉम लेबर टू लीडरशिप—लेट्स बिल्ड अ प्रोफेशनल बिहार” का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य बिहार की पहचान को श्रम-आधारित स्वरूप से एक पेशेवर, कौशल-आधारित और सशक्त राज्य में परिवर्तित करना है। इस पहल के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए बोरिंग रोड क्षेत्र में एक जागरूकता मार्च भी आयोजित किया गया।
संस्थान के बोरिंग रोड स्थित परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रख्यात लेखक एवं ब्रिटिश लिंगुआ के प्रबंध निदेशक डॉ. बीरबल झा ने कहा कि बिहार की चुनौती प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि अवसर, आत्मविश्वास और पेशेवर कौशल की कमी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “कौशल और संचार के माध्यम से श्रम को नेतृत्व में परिवर्तित करना होगा।”
डॉ. बीरबल झा ने अभियान की चार-चरणीय कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसमें जागरूकता एवं जन-संपर्क, कौशल एवं संचार प्रशिक्षण, पेशेवर तैयारी एवं रोजगार, तथा नेतृत्व एवं उद्यमिता विकास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में हजारों युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और इसे क्रमिक रूप से विभिन्न जिलों तक विस्तारित किया जाएगा।
संचार को एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल बताते हुए डॉ. बीरबल झा ने कहा कि आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति शिक्षा, रोजगार और उद्यम के अवसरों के द्वार खोलती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान कम-कौशल आधारित पलायन को कम करने के साथ-साथ राज्य में पेशेवरता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
तीन दशकों से अधिक के संचार प्रशिक्षण अनुभव के साथ ब्रिटिश लिंगुआ इस पहल में ज्ञान एवं प्रशिक्षण साझेदार की भूमिका निभाएगा और अपने कार्यक्रमों को कक्षाओं से आगे बढ़ाकर सामुदायिक जागरूकता तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से व्यापक स्तर पर लागू करेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. मनोज कुमार मिश्रा, शैक्षणिक निदेशक, ब्रिटिश अमेरिकन यूनिवर्सिटी, ने कहा कि कड़ी मेहनत, कौशल, संचार और समर्पण ही नेतृत्व की वास्तविक नींव हैं। उन्होंने युवाओं से श्रम की गरिमा को समझते हुए शिक्षा, अनुशासन, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वक्ता के रूप में उपस्थित सचिन उपाध्याय, लॉ गुरु, ने कहा, “‘लेबर टू लीडरशिप’ पहल परिवर्तन की प्रेरणा देती है और बिहार के कार्यबल को कौशल, दृष्टि और एकता के माध्यम से एक सशक्त पेशेवर भविष्य की ओर अग्रसर करती है।”
कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरिद्वार ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है और उन्हें पेशेवर सोच अपनाने के लिए तैयार रहना होगा।
कार्यक्रम का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि छात्र, अभिभावक, शिक्षक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मिलकर एक “प्रोफेशनल बिहार” के निर्माण में भागीदारी निभाएँ, जो एक कुशल और विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हो।
