पटना: 18 अप्रैल 2026 :: विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह अवसर ICOMOS और UNESCO के तहत मनाए जाने वाले विश्व धरोहर दिवस के वैश्विक महत्व को भी दर्शाता है।
डॉ प्रभास रंजन (सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग पटना वीमेंस कॉलेज स्वायत्त ) ने “जंतर मंतर: भारतीय पंचांगों की विरासत का स्मारक” विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने जंतर मंतर के महत्व और भारतीय पंचांगों की पारंपरिक विरासत में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने समझाया कि कैसे प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियों ने खगोल विज्ञान को दैनिक जीवन, अनुष्ठानों और कृषि पद्धतियों के साथ एकीकृत किया। इस व्याख्यान ने स्वदेशी वैज्ञानिक विरासत और समकालीन शिक्षा में इसकी प्रासंगिकता के बारे में गहन जानकारी प्रदान की।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल छात्र-शिक्षकों के अकादमिक ज्ञान को समृद्ध करना था, बल्कि विरासत संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी था।इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल छात्र-शिक्षकों के अकादमिक ज्ञान को समृद्ध करना था, बल्कि विरासत संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी था।

समारोह का समापन एक चिंतनशील संदेश के साथ हुआ, जिसमें भावी शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धतियों में विरासत शिक्षा को शामिल करने और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में असिस्टेंट प्रीफेक्ट ग्रीन हाउस से लवली द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रीय गान से कार्यक्रम का समापन हुआ।
उक्त अवसर पर संकाय अध्यक्ष सिस्टर सरोज एसी. शिक्षकगण, एम एड प्रशिक्षु शिक्षक (पटना यूनिवर्सिटी) से तथा बीएड प्रशिक्षु शिक्षिकाएं (सत्र 2025- 2027) उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बीएड प्रशिक्षु शिक्षिकाएं हनी और रौशनी ने बेहद सुदृढ़ और सुंदर तरीके से किया। यह कार्यक्रम एक सार्थक और यादगार अनुभव रहा।