विश्व फिजियोथेरेपी दिवस – पटना के विकलांग भवन अस्पताल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

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विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर मंगलवार को कंकड़बाग स्थित विकलांग भवन अस्पताल एवं बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को फिजियोथेरेपी के महत्व, उसकी उपयोगिता तथा स्वस्थ और सक्रिय जीवन में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और विद्यार्थियों ने लोगों को फिजियोथेरेपी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. प्रियदर्शी आलोक, कंट्रोलिंग ऑफिसर एवं डी.डी.ओ. के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फिजियोथेरेपी की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। दुर्घटना, चोट, उम्रजनित शारीरिक समस्याओं, मांसपेशियों एवं जोड़ों से संबंधित परेशानियों के साथ-साथ दिव्यांगजनों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने फिजियोथेरेपी को केवल दर्द कम करने की प्रक्रिया तक सीमित न मानते हुए इसे व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने तथा उसे अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि समय पर उचित फिजियोथेरेपी मिलने से कई लोगों को अपनी दैनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से करने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में डॉ. मनोज कुमार, विभागाध्यक्ष, फिजियोथेरेपी विभाग ने परिचयात्मक संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि फिजियोथेरेपी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, गतिशीलता और कार्यक्षमता हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों की कमी, लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत और बढ़ता तनाव शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभात फेरी का भी आयोजन किया गया। इसका संचालन डॉ. संतोष कुमार ने किया। प्रभात फेरी के दौरान लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि, पुनर्वास, दर्द प्रबंधन और विभिन्न शारीरिक अक्षमताओं में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया गया। प्रभात फेरी में शामिल चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और विद्यार्थियों ने आम लोगों तक यह संदेश पहुंचाया कि शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम एवं आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ की सलाह महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में डॉ. उमेश कुमार, एकेडमिक इंचार्ज, डॉ. अभय कुमार जायसवाल एवं डॉ. उदय कुमार सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं और इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थी उपस्थित रहे। विकलांग भवन अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर अपनी कृतज्ञता एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. इमरान हुसैन ने किया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया। इससे उन्हें लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने तथा फिजियोथेरेपी के सामाजिक महत्व को समझने का अवसर भी मिला।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि समाज में फिजियोथेरेपी की भूमिका को और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। साथ ही आमजन को इसके लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि फिजियोथेरेपी केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर गतिशीलता, पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता के ऐसे प्रयासों से लोगों में समय पर विशेषज्ञ सलाह लेने और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल सकता है।

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