पटना: संगीत शिक्षायतन, पटना में गुरुपूजनोत्सव के उपलक्ष्य में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कथक नृत्य शैली में आधारित नृत्य-नाटिका “गुरु बिन ज्ञान न उपजे” की मनोहारी प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
नृत्य-नाटिका में महान संगीतज्ञ तानसेन एवं उनके गुरु स्वामी हरिदास के प्रति श्रद्धा, भक्ति और अटूट विश्वास की प्रेरक कथा का प्रभावशाली मंचन किया गया। काव्यात्मक आलेख की रचना पूजा चौधरी ने की, जबकि कॉन्सेप्ट एवं डिज़ाइन कथक गुरु यामिनी का था। नृत्य निर्देशन सुश्री तान्या शर्मा ने किया। तान्या शर्मा, आन्या सिंह, पीयूषी मिश्रा, शिल्पा पासवान, अवनी कुमारी, राजलक्ष्मी तथा रिशिता कुमारी ने अपने सशक्त नृत्याभिनय के माध्यम से गुरु-शिष्य संबंध की गरिमा और समर्पण को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा चौधरी के स्वागत भाषण से हुआ। इसके उपरांत गुरु रवि मिश्रा के नेतृत्व में वैदिक हवन सम्पन्न कराया गया। समारोह में गायन, वादन, नृत्य तथा चित्रकला विभाग के प्रशिक्षुओं ने अपनी-अपनी विधाओं की रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं।
गायन विभाग के प्रशिक्षुओं ने राग भैरव में “गुरु बिन ज्ञान मैं कैसे पाऊँ…” भजन तथा राग दरबारी कान्हड़ा में “जौ गुरु कृपा करे…” बंदिश प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
चित्रकला विभाग के प्रशिक्षुओं ने अपने द्वारा निर्मित उत्कृष्ट चित्र गुरुओं को भेंटस्वरूप समर्पित किए।
नृत्य विभाग के प्रशिक्षुओं ने गुरु वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात परी सिंह, अवनी श्रेया एवं कौशिक कीर्ति ने शिव वंदना के माध्यम से भगवान शिव के योगी स्वरूप का मनोहारी चित्रण किया। वहीं नीरजा, लावण्या, सिया, स्वस्तिका, आद्या राज, श्रीजा सिंह, शान्विका, यश्वी, अन्वी एवं सृष्टि राज ने राम भजन पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।
हरि स्तोत्र एवं कवित्त की प्रभावशाली प्रस्तुति सृष्टि सुमन ने दी। कार्यक्रम के अंत में सचिव यामिनी ने सभी अतिथियों, गुरुओं, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
