क्षेत्रीय भाषाएं हिंदी के लिए बोझ नहीं : प्रो. अरुण
जितेन्द्र कुमार सिन्हा पटना, 16 सितम्बर 2023 :: क्षेत्रीय भाषाएं हिन्दी के लिए बोझ नहीं है। तमिल, मलयालम, भोजपुरी, मैथिली हो या कोई भी क्षेत्रीय भाषा। ये हिन्दी का संवाहक बन सकती हैं। हिन्दी की जीवंतता तभी बनी रह सकती है, जब हम जितनी भी स्थानीय भाषा है उसको भी बल दें. हिन्दी दिवस पर […]
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