बच्चों में मातृभाषा मैथिली के प्रति जागरूकता के लिए चेतना समिति का विशेष अभियान शुरू

Art and culture

  • कंचन चौधरी

पटना, 1 अगस्त 2026। बच्चों में मातृभाषा मैथिली के प्रति प्रेम, जागरूकता एवं व्यवहारिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चेतना समिति द्वारा विद्यापति भवन, पटना में एक विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। वर्तमान समय में अधिकांश परिवार बच्चों के बढ़ते मोबाइल उपयोग से चिंतित हैं। इसी चुनौती को सकारात्मक दिशा देने तथा बच्चों को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से समिति ने यह अभिनव पहल की है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मैथिली मिश्रा, अयांश झा, शान्वी झा, चैतन्य प्रकाश, अनुज, अरव, सार्थक झा, मानवी, अमर भारद्वाज, धरम भारद्वाज, मणिकर्णिका झा, प्रियांक, आदर्श झा, सान्वी झा सहित अनेक बच्चों ने मैथिली भाषा में अपना परिचय दिया तथा कविता-पाठ, गीत-प्रस्तुति और कला एवं साहित्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानंद झा ने कहा, “मातृभाषा मैथिली विद्यालयों में अनिवार्य विषय है। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने घर में नियमित रूप से मैथिली बोलने, पढ़ने और लिखने का वातावरण बनाना चाहिए, ताकि बच्चों में भाषा के प्रति स्वाभाविक लगाव विकसित हो।”

समिति के सचिव जयदेव मिश्र ने कहा, “जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सभी मैथिलीभाषियों से आग्रह है कि वे अपनी मातृभाषा के रूप में मैथिली का ही उल्लेख करें।”

उपाध्यक्ष उमेश मिश्र ने कहा, “मिथिला के महान विद्वान डॉ. अमरनाथ झा अंग्रेजी के प्रकांड विद्वान थे, लेकिन उनकी मैथिली पर भी समान पकड़ थी। यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय है।”

पूर्व वाणिज्यकर अपर आयुक्त अशोक कुमार झा ने कहा कि आधुनिक परिवेश में मैथिली भाषा का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

किशोर केशव ने कहा, “भाषा समय और परिस्थितियों के साथ बदलती रहती है, लेकिन मातृभाषा का महत्व कभी कम नहीं होता। क्षेत्रीय भाषाओं में रचित उत्कृष्ट साहित्य को विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर को उनकी मातृभाषा में रचित ‘गीतांजलि’ के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था।”

चेतना समिति के कोषाध्यक्ष नारायण झा ने कहा कि समिति का यह अभियान बच्चों में मैथिली भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव सतीश चंद्र झा, अवधेश झा, प्रशांत कुमार मिश्र, विवेकानंद ठाकुर, अन्नु झा, सरोज झा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में 6 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बड़ी संख्या में बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अभियान की संयोजक एवं चेतना समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू झा ने किया।

यह अभियान 1 अगस्त 2026 से विद्यापति भवन, पटना में नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों को मैथिली भाषा बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाने के साथ-साथ मिथिला की संस्कृति, साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ सके।

चेतना समिति सभी अभिभावकों से आग्रह करती है कि वे अपने बच्चों का नामांकन कराकर इस अभियान का हिस्सा बनें। इच्छुक अभिभावक स्वयं विद्यापति भवन, पटना पहुँचकर अथवा दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। यह अभियान 6 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए है तथा इसका आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को नियमित रूप से किया जाएगा।

कार्यक्रम संयोजिका: श्रीमती मंजू झा
मोबाइल: 9931225371

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *