पटना, 12 जुलाई 2026। चेतना समिति, पटना द्वारा प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को आयोजित किए जाने वाले निःशुल्क चिकित्सा शिविर की श्रृंखला के अंतर्गत आज विद्यापति भवन, विद्यापति मार्ग, पटना में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया तथा आवश्यक जांच एवं उपलब्धता के अनुसार निःशुल्क दवाओं का लाभ उठाया।
शिविर में स्त्री रोग, हृदय रोग, जनरल फिजिशियन, सर्जरी, हड्डी रोग, चर्म रोग, नेत्र रोग, दंत रोग एवं आयुर्वेद सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इसके अतिरिक्त मरीजों की बी.पी. एवं शुगर की निःशुल्क जांच भी की गई।
जनरल फिजिशियन डॉ. अजीत कुमार मिश्र ने कहा, “चेतना समिति द्वारा आयोजित यह हेल्थ कैंप एक अत्यंत सराहनीय पहल है। इससे लोगों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल रही है। यहां लगभग सभी प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। मेरी कामना है कि यह सेवा निरंतर जारी रहे।”
एन.एम.सी.एच., पटना के सर्जन डॉ. हेमंत कुमार झा ने कहा, “आज सर्जरी के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सामान्य ओपन सर्जरी से आगे बढ़कर लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी का सफल उपयोग हो रहा है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जोखिम कम होता है और उपचार की सटीकता अधिक होती है।” उन्होंने सड़क दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक सावधानी बरतने पर भी जोर देते हुए कहा कि घायल व्यक्ति की श्वास, नाड़ी (पल्स) तथा गर्दन की स्थिति का ध्यान रखते हुए सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम झा ने कहा कि महिलाओं में सामान्यतः खून की कमी (एनीमिया) की समस्या अधिक देखने को मिलती है। उन्होंने महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित खान-पान, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती शहरी जीवनशैली के कारण महिलाओं में प्रजनन क्षमता में कमी, गर्भाशय एवं स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, जिसे समय रहते स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वप्ना झा ने ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि अब गांवों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हैं, इसलिए महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार कराना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि विवाह 20 वर्ष की आयु के बाद करें तथा दो बच्चों के बीच कम-से-कम तीन वर्ष का अंतर रखें। साथ ही एनीमिया से बचाव के लिए आयरन की दवा लें, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. संहिता (स्मिता) झा ने कहा कि वर्षा ऋतु में फंगल एवं अन्य त्वचा संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें, गीले कपड़े अधिक देर तक न पहनें तथा किसी भी प्रकार के त्वचा संक्रमण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।
इस अवसर पर डॉ. समरेन्द्र झा, डॉ. सुनील कुमार मलिक, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश चंद्र झा, डॉ. विजय दृष्टिकुंज नेत्रालय से सेंटर फॉर साइट के नेत्र विशेषज्ञों सहित उपस्थित थे। वैद्य अमरनाथ मिश्र ने मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। बी.पी. एवं शुगर की जांच नवीन कुमार द्वारा की गई।
चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानन्द झा ने कहा, “संस्था समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन करती है।”
संयोजक किशोर चौधरी ने बताया कि शिविर का पंजीकरण प्रातः 9:00 बजे से 11:30 बजे तक किया गया। उन्होंने नागरिकों से नियमित रूप से इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सचिव जयदेव मिश्र ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानंद झा, उपाध्यक्ष उमेश मिश्र, मंजू झा, विपेन्द्र झा ‘माधव’, दिनेश झा, अवधेश झा, नारायण झा, प्रशांत कुमार मिश्रा, मनोज कुमार झा, शिशिर चंद्र मिश्र तथा सहयोगी प्रीति झा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।