संगीत शिक्षायतन: ‘तुम और हम’ समर कैंप 2026 में बच्चों की रचनात्मकता, योग और कला प्रतिभा का हो रहा सर्वांगीण विकास

Art and culture

पटना: 30 मई 2026 :: संगीत शिक्षायतन, पटना के प्रांगण में आयोजित 13 दिवसीय ‘तुम और हम’ समर कैंप 2026 बच्चों के लिए सीखने, सृजन करने और आनंदपूर्वक व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। यह कार्यशाला 25 मई से 6 जून 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की जा रही है।

समर कैंप का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रतिभागी बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पहले दिन लगभग 28 तथा तीसरे दिन 33 बच्चों की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई। शिविर में बच्चों को योग, संगीत, नृत्य, चित्रकला, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा खेलकूद जैसी विविध गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

योग प्रशिक्षक अभिषेक कुमार ने बच्चों को ताड़ासन, वृक्षासन, बालासन, हलासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही योग निद्रा के माध्यम से मानसिक शांति और एकाग्रता का अनुभव भी कराया गया।

क्रिएटिव डांस प्रशिक्षक रवि मिश्रा ने बच्चों को नृत्य की मूलभूत तकनीकों और स्टेप्स का प्रशिक्षण दिया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक “छोटे-छोटे शहरों से…” गीत पर नृत्य अभ्यास कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

संगीत सत्र में गुरु सागर गुप्ता के निर्देशन में बच्चों ने भारतीय संगीत के सात स्वरों का परिचय प्राप्त किया तथा स्वर साधना का अभ्यास किया। संगीत और लय के इस प्रशिक्षण ने बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा दिया।

आर्ट एंड क्राफ्ट तथा चित्रकला सत्र में बच्चों ने ओरिगामी के माध्यम से हवाई जहाज और हंस बनाना सीखा। ऑयल पेस्टल रंगों के प्रयोग से रंगों के संयोजन एवं कलात्मक अभिव्यक्ति की बारीकियों को समझा। प्रशिक्षिका सोनल कुमारी के मार्गदर्शन में बच्चों ने विभिन्न आकारों की पत्तियों से आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कीं, जिससे उनकी कल्पनाशीलता और रचनात्मक कौशल का विकास हुआ।

खेलकूद सत्र में बच्चों ने हाई जंप सहित अनेक शारीरिक एवं मानसिक खेलों में भाग लेकर अपनी ऊर्जा, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।

संगीत शिक्षायतन के सचिव ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे अवकाश के समय का सदुपयोग करते हुए नई कलाओं और जीवनोपयोगी कौशलों को सीख सकें।

कार्यक्रम का समापन प्रतिदिन धन्यवाद प्रार्थना के साथ किया जा रहा है। बच्चों और अभिभावकों में शिविर को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। धन्यवाद ज्ञापन संगीत शिक्षायतन के सचिव के द्वारा किया गया।

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