डॉ. रमा दास की ‘गंगा अवतरण’ एवं ‘राम की शक्ति पूजा’ की भव्य जुगलबंदी ने दिल्ली के दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

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पटना/नई दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली के सभागार में आयोजित ‘विविधा’ राष्ट्रीय उत्सव के दौरान बिहार की विख्यात कत्थक कलाकार डॉ. रमा दास ने महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की अमर कृति ‘राम की शक्ति पूजा’ की अद्भुत जुगलबंदी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति में उनके साथ साहित्यकार, संगीत साधक एवं वन पदाधिकारी दिनेश कुमार ने सहभागिता निभाई। दोनों कलाकारों की इस अभिनव प्रस्तुति को राजधानी के कला-प्रेमियों ने भरपूर सराहना दी।

‘विविधा’ राष्ट्रीय उत्सव का आयोजन दिल्ली की संस्था कला मंडली द्वारा संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली तथा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। चार दिवसीय इस राष्ट्रीय समारोह के प्रथम दिन के सत्र में डॉ. रमा दास और दिनेश कुमार ने ‘राम की शक्ति पूजा’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

प्रस्तुति से पूर्व डॉ. रमा दास ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस महाकाव्य का प्रथम मंचन वर्ष 1975 में पटना स्थित भारतीय नृत्य कला मंदिर में किया था। उन्होंने कहा, “मैं मूलतः कत्थक कलाकार हूँ और भाव-नृत्य के माध्यम से सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई तथा महाकवि विद्यापति की रचनाएँ प्रस्तुत करती रही हूँ। पटना में अमला शंकर जी की रामकथा पर आधारित नृत्य-नाटिका देखकर मेरे मन में भी ऐसी प्रस्तुति करने की प्रेरणा मिली। मैं अपने कत्थक कार्यक्रमों की शुरुआत प्रायः ‘श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन’ से करती रही हूँ, लेकिन नृत्य-नाटिका के लिए मैंने निराला जी की ‘राम की शक्ति पूजा’ का चयन किया।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पहले एकल प्रस्तुति थी, जिसमें तीन सौ से अधिक पंक्तियों वाले इस महाकाव्य के सभी पात्रों को मंच पर अकेले जीवंत करना पड़ता था। आज पहली बार मैंने इसे जुगलबंदी के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे दिल्ली के दर्शकों ने अत्यंत सराहा।”

काव्य-प्रस्तुति के उपरांत दर्शकों के विशेष आग्रह पर डॉ. रमा दास ने रायगढ़ घराने के महाराज चक्रधर सिंह द्वारा रचित प्रसिद्ध नृत्य-रचना ‘गंगा अवतरण’ प्रस्तुत की। इस प्रभावशाली प्रस्तुति से उत्साहित होकर दर्शक दीर्घा में उपस्थित युवा कलाकार प्रतिभा सिंह, श्रुति सिन्हा एवं तिवारी भी मंच पर उनके साथ शामिल हो गए। इस अवसर पर डॉ. रमा दास ने कत्थक साधना, प्रशिक्षण और मंचीय जीवन के अपने अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम के इसी सत्र में शून्य थिएटर ग्रुप ने नाटक ‘शहर जिसे कहते हैं दिल्ली’ का मंचन किया, जबकि रूबरू ग्रुप की काजल सूरी ने नाटक ‘एक और सच’ प्रस्तुत किया। आगरा की डॉ. कामिनी शर्मा ने भी अपने रंगमंचीय अनुभव श्रोताओं के साथ साझा किए।

पूरे कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के उपनिदेशक एवं रंग निर्देशक सुमन कुमार ने किया।

चित्र परिचय : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली में ‘विविधा’ राष्ट्रीय उत्सव के दौरान महाकवि निराला की ‘राम की शक्ति पूजा’ की जुगलबंदी प्रस्तुति देते कत्थक कलाकार डॉ. रमा दास एवं साहित्यकार-संगीत साधक दिनेश कुमार। मंच पर उनके साथ युवा कलाकार प्रतिभा सिंह तथा सुमन कुमार, उपनिदेशक, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली।

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