जीकेसी ने दीपक अभिषेक पर फिर जताया भरोसा – ‘ग्लोबल उपाध्यक्ष’ और ‘बिहार प्रदेश अध्यक्ष’ की मिली जिम्मेदारी

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ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (जीकेसी) ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए अपनी ग्लोबल वर्किंग कमिटी की नई सूची जारी की है। जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने सोमवार को जारी सूची में पटना निवासी एवं वरीय अधिवक्ता दीपक अभिषेक को ‘ग्लोबल उपाध्यक्ष’ बनाया है। इसके साथ ही जारी दूसरी सूची में उन्हें ‘जीकेसी बिहार प्रदेश अध्यक्ष’ की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी है। इस प्रकार दीपक अभिषेक अब “ग्लोबल उपाध्यक्ष-सह-बिहार प्रदेश अध्यक्ष” के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

दीपक अभिषेक को एक साथ दो महत्वपूर्ण दायित्व दिया जाना जीकेसी में उनकी संगठनात्मक भूमिका और सक्रियता को रेखांकित करता है। ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें पुनः दोनों पदों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब संगठन देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर कायस्थ समाज को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में अपनी गतिविधियों को विस्तार दे रहा है।

दीपक अभिषेक के लिए यह जिम्मेदारी नहीं है। वे इससे पूर्व भी “ग्लोबल उपाध्यक्ष-सह-बिहार प्रदेश अध्यक्ष” के पद पर कार्य कर चुके हैं। अब संगठन की नयी सूची में उन्हें पुनः इन्हीं दोनों पदों पर यथावत रखा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में उनके पूर्व अनुभव को भी महत्व दिया गया है।

जीकेसी के लिए बिहार एक महत्वपूर्ण प्रदेश है। कायस्थ समाज की ऐतिहासिक, सामाजिक और बौद्धिक विरासत से जुड़े बिहार में संगठन की गतिविधियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब दीपक अभिषेक के कंधों पर पुनः होगी। बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्हें संगठन की प्रदेश इकाई को सक्रिय रखने, विभिन्न जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने तथा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं ग्लोबल उपाध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका बिहार की सीमाओं से बाहर संगठन की व्यापक गतिविधियों से भी जुड़ी रहेगी।

दीपक अभिषेक की पहचान केवल सामाजिक संगठन के पदाधिकारी के रूप में ही नहीं है। वे पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता हैं। कानून के क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण सामाजिक और सार्वजनिक विषयों की समझ भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रही है। इसके साथ ही वे पटना से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका ‘घटनाचक्र टाइम्स’ के संपादक भी हैं। कानून, पत्रकारिता और सामाजिक संगठन, इन तीनों क्षेत्रों से जुड़े होने के कारण उनकी भूमिका बहुआयामी रही है। जीकेसी में उन्हें मिली दोहरी जिम्मेदारी में उनके इन अनुभवों का उपयोग संगठनात्मक गतिविधियों में किया जा सकता है।
‘ग्लोबल उपाध्यक्ष’ और ‘बिहार प्रदेश अध्यक्ष’ दोनों पदों पर पुनर्नियुक्ति के साथ दीपक अभिषेक के सामने अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। एक ओर उन्हें बिहार में संगठन को और सक्रिय बनाने की दिशा में काम करना होगा, वहीं दूसरी ओर ग्लोबल स्तर पर जीकेसी की गतिविधियों में भी योगदान देना होगा। संगठन की दृष्टि से यह जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लोगों को जोड़ने, युवाओं को संगठन से जोड़ने, सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने और कायस्थ समाज की विरासत एवं वर्तमान चुनौतियों पर संवाद स्थापित करने से भी जुड़ी है।

जीकेसी की नयी सूची में दीपक अभिषेक को दोनों पदों पर बरकरार रखना संगठन में अनुभव और निरंतरता को महत्व देने का संकेत माना जा सकता है। पूर्व में इन पदों का दायित्व संभाल चुके दीपक अभिषेक अब नयी कार्यसमिति के साथ अपनी भूमिका को आगे बढ़ाएंगे। राजीव रंजन प्रसाद द्वारा उन पर दोबारा विश्वास जताए जाने से यह भी स्पष्ट है कि संगठन उनके पूर्व कार्यकाल के अनुभव को आगामी गतिविधियों के लिए उपयोगी मानता है। अब देखने वाली बात होगी कि नयी जिम्मेदारी के साथ बिहार में जीकेसी की संगठनात्मक गतिविधियां किस प्रकार आगे बढ़ती हैं और राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर संगठन की भूमिका को किस तरह विस्तार मिलता है।

जीकेसी का मूल उद्देश्य कायस्थ समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक रूप से एक मंच पर जोड़ना है। ऐसे में बिहार प्रदेश अध्यक्ष के साथ ग्लोबल उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालना दीपक अभिषेक के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। नयी जिम्मेदारी के साथ उनके सामने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की चुनौती रहेगी। वहीं संगठन की ओर से उन पर दोबारा जताया गया विश्वास उनके लिए उपलब्धि के साथ-साथ आगामी कार्यों के प्रति जवाबदेही भी बढ़ाता है।

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